PosiStep 11: लाभ-हानि: आमदनी, ख़र्च, मुनाफ़ा, मार्जिन, EPS
तीसरे हफ़्ते में कंपनी के खाते खुलते हैं। पहला स्टेटमेंट है लाभ-हानि खाता (P&L या इनकम स्टेटमेंट): यह बताता है कि किसी अवधि में कंपनी ने कितना बेचा, कितना ख़र्च किया और मुनाफ़े के रूप में क्या बचा।
आमदनी: कंपनी ने क्या बेचा
आमदनी (रेवेन्यू, सेल्स या टर्नओवर) वह पैसा है जो कंपनी किसी तिमाही या साल में अपने प्रोडक्ट या सेवाएँ बेचकर कमाती है, किसी भी लागत से पहले। यह P&L की सबसे ऊपर की लाइन है।
बढ़ती आमदनी का मतलब आमतौर पर ज़्यादा ग्राहक या ऊँचे दाम होते हैं; घटती आमदनी को सबसे पहले समझना चाहिए।
ख़र्च और ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट
आमदनी से कंपनी अपने ख़र्च चुकाती है: कच्चा माल, कर्मचारियों का वेतन, किराया, मार्केटिंग और दूसरे चलाने के ख़र्च। जो बचता है वह ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट है, मुख्य कारोबार का मुनाफ़ा। आपको EBITDA भी दिख सकता है: डेप्रिसिएशन (मशीनों और इमारतों की घिसाई) और एमॉर्टाइज़ेशन घटाने से पहले का ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट।
ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट बताता है कि कारोबार ख़ुद पैसा कमाता है या नहीं, क़र्ज़ और टैक्स के असर से पहले।
ब्याज, टैक्स और नेट प्रॉफ़िट
इसके बाद आते हैं क़र्ज़ पर ब्याज, डेप्रिसिएशन और टैक्स। आख़िर में शेयरधारकों के लिए जो बचता है वह नेट प्रॉफ़िट है (बॉटम लाइन या PAT: टैक्स के बाद का मुनाफ़ा)। घाटे का मतलब है ख़र्च आमदनी से ज़्यादा था।
एक बार की चीज़ों पर नज़र रखें, जैसे कोई इमारत बेचना। ये किसी साल के नेट प्रॉफ़िट को असामान्य रूप से ऊँचा या नीचा दिखा सकती हैं।
मार्जिन: आमदनी में मुनाफ़े का हिस्सा
मार्जिन बताता है कि आमदनी के हर ₹100 में से कितना मुनाफ़ा बनता है। ऑपरेटिंग मार्जिन = ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट ÷ आमदनी; नेट मार्जिन = नेट प्रॉफ़िट ÷ आमदनी। ₹1,000 करोड़ आमदनी और ₹150 करोड़ नेट प्रॉफ़िट वाली कंपनी का नेट मार्जिन 15% है।
अलग-अलग उद्योगों में मार्जिन बहुत अलग होते हैं: सॉफ़्टवेयर कंपनियों के अक्सर ऊँचे, सुपरमार्केट के कम। मार्जिन की तुलना एक ही उद्योग में और सालों के साथ करें।
EPS: प्रति शेयर मुनाफ़ा
प्रति शेयर कमाई (EPS) = नेट प्रॉफ़िट ÷ शेयरों की संख्या। यह बताता है कि हर शेयर के हिस्से कितना मुनाफ़ा है, और यही PosiStep 14 के P/E रेशियो का आधार है।
कंपनियाँ हर तिमाही नतीजे बताती हैं, और साल में एक बार पूरे साल के। एक ही तिमाही की सालों से तुलना (जैसे इस जून तिमाही की पिछले जून से) मौसमी असर से बचाती है।
PositoAI की भूमिका
Go Deep टैब हर कंपनी के तिमाही नतीजे और पिछले सालों की आमदनी और मुनाफ़ा दिखाता है। Funda टैब (PosiFunda) उस कंपनी की बढ़त और मार्जिन आसान शब्दों में समझाता है, मिलती-जुलती कंपनियों से तुलना करके।
मुख्य शब्द
- आमदनी (Revenue)
- किसी भी लागत से पहले बिक्री से कमाया पैसा: टॉप लाइन।
- ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट
- ब्याज और टैक्स से पहले मुख्य कारोबार का मुनाफ़ा।
- नेट प्रॉफ़िट (PAT)
- सारे ख़र्च, ब्याज और टैक्स के बाद शेयरधारकों के लिए बचा: बॉटम लाइन।
- नेट मार्जिन
- नेट प्रॉफ़िट ÷ आमदनी, प्रतिशत में।
- EPS
- प्रति शेयर कमाई: नेट प्रॉफ़िट ÷ शेयरों की संख्या।
- EBITDA
- डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइज़ेशन से पहले का ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट।
ख़ुद करके देखें
काल्पनिक कंपनी Pine Retail की आमदनी ₹500 करोड़ और नेट प्रॉफ़िट ₹50 करोड़ रहा। इसके 10 करोड़ शेयर हैं। इसका EPS कितना है?
EPS = नेट प्रॉफ़िट ÷ शेयर = ₹50 करोड़ ÷ 10 करोड़ = ₹5 प्रति शेयर। इसका नेट मार्जिन ₹50 करोड़ ÷ ₹500 करोड़ = 10% है।
PositoAI पर लाइव देखें
Infosys का Go Deep टैब खोलें और पिछले दो सालों की आमदनी और नेट प्रॉफ़िट देखें। क्या दोनों बढ़े? फिर सबसे नए साल का नेट मार्जिन निकालें (नेट प्रॉफ़िट ÷ आमदनी)।
यह क्या नहीं बताता
किसी साल का मुनाफ़ा एक बार की चीज़ों से बढ़ या घट सकता है, और P&L क़र्ज़ या नक़द नहीं दिखाता। कंपनी मुनाफ़ा दिखाकर भी नक़द की कमी में आ सकती है, जो PosiStep 13 में समझाया गया है।
छोटा क्विज़
आमदनी (रेवेन्यू) क्या है?
आमदनी किसी भी ख़र्च को घटाने से पहले की कुल बिक्री है; यह P&L की टॉप लाइन है।
सारे ख़र्च, ब्याज और टैक्स के बाद शेयरधारकों के लिए कौन-सा मुनाफ़ा बचता है?
नेट प्रॉफ़िट (PAT) बॉटम लाइन है, ख़र्च, ब्याज, डेप्रिसिएशन और टैक्स के बाद।
आमदनी ₹800 करोड़, नेट प्रॉफ़िट ₹80 करोड़। नेट मार्जिन क्या है?
₹80 करोड़ ÷ ₹800 करोड़ = 0.10, यानी 10% नेट मार्जिन।
EPS कैसे निकाला जाता है?
प्रति शेयर कमाई = नेट प्रॉफ़िट ÷ शेयरों की संख्या।
जून तिमाही की तुलना पिछले साल की जून तिमाही से क्यों करें?
कई कारोबार मौसमी होते हैं, इसलिए एक ही तिमाही की सालों से तुलना ज़्यादा सही है।
यह PosiStep पूरा करने के लिए इस पेज के सभी सवालों के सही जवाब दें।
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PosiCourse सिर्फ़ शिक्षा के लिए है। यह किसी शेयर को ख़रीदने या बेचने की सलाह नहीं देता। काल्पनिक आँकड़ों वाले उदाहरण असली कंपनियाँ नहीं हैं। PositoAI is for research and education only and is not investment advice.