PositoAI
a positivity index
Home Explore Actions Flows Indices News Watchlist Compare PosiDemy Screeners Insights

स्टॉक स्प्लिट क्या है?

स्टॉक स्प्लिट (stock split) वह है जब कोई कंपनी अपने हर मौजूदा शेयर को कई नए शेयरों में बाँट देती है। शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर भाव उसी अनुपात में घटता है, इसलिए आपकी होल्डिंग की कुल क़ीमत लगभग वही रहती है। भारत में स्प्लिट हर शेयर की फ़ेस वैल्यू घटाकर होता है।

स्टॉक स्प्लिट क्या है

पिज़्ज़ा को ज़्यादा टुकड़ों में काटने की सोचिए: टुकड़े ज़्यादा हो जाते हैं, पर पिज़्ज़ा उतना ही रहता है। 1:5 स्प्लिट में ₹10 फ़ेस वैल्यू का एक शेयर ₹2 फ़ेस वैल्यू के पाँच शेयर बन जाता है। अगर आपके पास 100 शेयर थे, तो अब 500 हैं। अगर भाव ₹2,500 था, तो वह लगभग ₹500 हो जाता है।

भारत में यह कैसे काम करता है

कंपनी का बोर्ड स्प्लिट का प्रस्ताव रखता है, और शेयरधारक उसे मंज़ूरी देते हैं। कंपनी एक रिकॉर्ड डेट घोषित करती है; उस समय शेयर रखने वाले निवेशकों को अतिरिक्त शेयर उनके डीमैट अकाउंट में मिलते हैं। एक्स-डेट पर एक्सचेंज पर शेयर भाव स्प्लिट के हिसाब से बदल जाता है। एक्सचेंज पिछले भाव और 52-हफ़्ते के हाई व लो जैसा पुराना डेटा भी एडजस्ट करते हैं, ताकि चार्ट की तुलना बनी रहे।

इसका उल्टा रिवर्स स्प्लिट या कंसॉलिडेशन है, जिसमें कई शेयर मिलाकर एक बनते हैं और फ़ेस वैल्यू बढ़ती है।

एक आसान उदाहरण

स्प्लिट से पहले: 100 शेयर × ₹2,500 = ₹2,50,000। 1:5 स्प्लिट के बाद: 500 शेयर × ₹500 = ₹2,50,000। कंपनी के कारोबार, मुनाफ़े या कुल मार्केट वैल्यू में कुछ नहीं बदला। सिर्फ़ शेयरों की संख्या और प्रति शेयर भाव अलग हैं।

कंपनियाँ शेयर स्प्लिट क्यों करती हैं

बहुत ऊँचा शेयर भाव छोटे निवेशकों को दूर रख सकता है और ट्रेडिंग घटा सकता है। स्प्लिट हर शेयर को ज़्यादा किफ़ायती बनाता है और लिक्विडिटी सुधार सकता है, यानी शेयर ख़रीदना-बेचना आसान होता है। कुछ निवेशक स्प्लिट को मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत भी मानते हैं, क्योंकि कंपनियाँ अक्सर भाव में लंबी बढ़त के बाद स्प्लिट करती हैं।

स्टॉक स्प्लिट बनाम बोनस इश्यू

दोनों से शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर भाव घटता है। स्प्लिट में फ़ेस वैल्यू घटती है। बोनस इश्यू में फ़ेस वैल्यू वही रहती है और कंपनी अपने रिज़र्व का एक हिस्सा नए शेयरों में बदलती है। शेयरधारकों के लिए तुरंत का आर्थिक असर मिलता-जुलता है।

स्प्लिट के बाद दूसरे आँकड़ों का क्या होता है

शेयरों की संख्या बदलने से प्रति शेयर आँकड़े भी बदलते हैं। प्रति शेयर कमाई, प्रति शेयर डिविडेंड और प्रति शेयर बुक वैल्यू, सब भाव के ही अनुपात में घटते हैं, इसलिए भाव की इन आँकड़ों से तुलना करने वाले रेशियो, जैसे प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो, लगभग वही रहते हैं। मार्केट कैप भी लगभग वही रहता है। इसीलिए विश्लेषक और डेटा देने वाले स्प्लिट के बाद पुराना डेटा एडजस्ट करते हैं: बिना एडजस्टमेंट के चार्ट और तुलना में झूठे उछाल दिखते।

PositoAI पर उदाहरण: भारत में स्टॉक स्प्लिट

भारत में स्प्लिट पहले से ज़्यादा होने लगे हैं। PositoAI के Actions पेज पर 2022 में 75, 2023 में 101, 2024 में 148, 2025 में 119 और 2026 में अब तक 94 स्प्लिट दर्ज हुए।

एक हाल का उदाहरण Bansal Wire Industries है, जो 16 अक्टूबर 2026 को 1:5 अनुपात के साथ एक्स-स्प्लिट हुई, यानी हर 1 शेयर 5 शेयर बन गया। 100 शेयर वाले के पास अब 500 हैं, और एक्स-डेट पर शेयर भाव उसी अनुपात में एडजस्ट हुआ। दूसरा उदाहरण Shankara Buildpro है, जो 8 अक्टूबर 2026 को 2:10 अनुपात के साथ एक्स-स्प्लिट हुई, यानी हर 2 शेयर 10 शेयर बन गए, जो 1 के 5 बनने के बराबर है। (आँकड़े 19 अक्टूबर 2026 के।)

आम ग़लतफ़हमियाँ

"स्प्लिट से मैं अमीर हो जाता हूँ।" अपने आप नहीं; आपकी होल्डिंग की कुल क़ीमत लगभग वही रहती है।

"शेयर सस्ता हो गया, तो यह सौदा है।" स्प्लिट के बाद प्रति शेयर कम भाव से कंपनी का वैल्यूएशन नहीं बदलता।

"मेरे शेयर रातोंरात 80% गिर गए।" एक्स-डेट पर भाव की गिरावट सिर्फ़ स्प्लिट का एडजस्टमेंट है, जिसकी भरपाई ज़्यादा शेयरों से होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्प्लिट के शेयर पाने के लिए कुछ करना पड़ता है?
नहीं। अगर रिकॉर्ड डेट पर आपके पास शेयर हैं, तो वे अपने आप जमा हो जाते हैं।

क्या स्प्लिट से डिविडेंड बदलता है?
प्रति शेयर डिविडेंड आमतौर पर एडजस्ट होता है, पर स्प्लिट से अपने आप आपका कुल हक़ नहीं घटता।

रिवर्स स्प्लिट क्या है?
कई शेयरों को मिलाकर एक बनाना, जिससे प्रति शेयर भाव बढ़ता है।

क्या चार्ट में स्प्लिट एडजस्टमेंट दिखते हैं?
एक्सचेंज और ज़्यादातर डेटा देने वाले पुराने भाव एडजस्ट करते हैं।

PositoAI पर इसका इस्तेमाल कैसे करें

आने वाले और हाल के स्प्लिट, बोनस और डिविडेंड, उनकी मुख्य तारीख़ों के साथ, Actions पेज पर दिए हैं। हर कंपनी का पूरा स्प्लिट इतिहास उसके अपने Actions टैब पर है। तुलना के लिए बोनस इश्यू की हमारी गाइड पढ़ें। PositoAI के फ्री शेयर बाज़ार कोर्स PosiCourse का PosiStep 9 स्प्लिट, बोनस और दूसरे कॉरपोरेट एक्शन समझाता है।

सारांश

स्टॉक स्प्लिट हर शेयर को कम फ़ेस वैल्यू वाले ज़्यादा शेयरों में बाँटता है। शेयरों की संख्या बढ़ती है और भाव उसी अनुपात में घटता है, इसलिए आपकी होल्डिंग की क़ीमत लगभग वही रहती है। कंपनियाँ किफ़ायत और लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए स्प्लिट करती हैं। रिकॉर्ड डेट पर शेयर रखने वालों को शेयर अपने आप मिलते हैं, और एक्स-डेट पर भाव एडजस्ट होता है।

और लेख पढ़ें

यह लेख अंग्रेज़ी मूल लेख का हिंदी रूप है: What is a Stock Split?। PositoAI सिर्फ़ रिसर्च और शिक्षा के लिए है, निवेश सलाह नहीं।

Disclaimer — PositoAI is a research and screening tool for educational and informational purposes. It is not investment advice or a recommendation to buy or sell any security or mutual fund. Scores and rankings are calculated by PositoAI's own method using publicly available data, which may be incomplete, delayed or inaccurate, and past performance does not indicate future results. AI summaries of company news may contain errors. PositoAI is not registered with the SEC, SEBI or any other regulatory authority. Please do your own research or consult a licensed financial advisor before investing.